Home Trending 3 तलाक – आज से हिन्दुस्तान में गुनाह : किसी ने कोशिश की तो मिलेगी ये सज़ाएं !

3 तलाक – आज से हिन्दुस्तान में गुनाह : किसी ने कोशिश की तो मिलेगी ये सज़ाएं !

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30 जुलाई 2019 का दिन हिन्दुस्तान के लिए सबसे एतिहासिक दिनों में से एक बन गया है। जैसे 15 अगस्त, 26 जनवरी का दिन होता है ना, वैसे ही। आज से इस देश में मुस्लिम महिलाओं को 3 तलाक से आजादी मिली है। भारत से 3 तलाक हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो गया है। राज्यसभा में बिल के पारित होते ही अब मुस्लिम समुदाय में 3 तलाक एक अपराध बन गया है।

हालांकि राज्यसभा में भी तीन तलाक का बिल पास होने से पहले राजनीतिक पार्टियों का खूब ड्रामा हुआ। नीतीश कुमार वाली JDU, दिवंगत जयललिता वाली AIADMK और के. चंद्रशेखर राव वाली TRS ने वोटिंग से पहले सदन से Walk Out कर अलग तरीके से बिल को पास करने में बीजेपी को अपनी मदद पहुंचाई। कश्मीर की पार्टी PDP और मायावती की पार्टी BSP भी वोटिंग के वक्त राज्यसभा से गायब रही। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 99 और खिलाफ में 84 वोट पड़े। हालांकि जिन पार्टियों ने एन वक्त पर वोटिंग के दौरान सदन से कन्नी काट ली अगर उनके मेंबर्स सदन में मौजूद रहते तो सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती थीं और तीन तलाक का बिल अटक सकता था। लेकिन राजनीतिक फील्डिंग पहले से ही चौकस थी। सब वैसे ही हुआ, जैसे होना था और इस तरह तीन तलाक का बिल राज्यसभा से भी पास हो गया।

अब ये बिल मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनकी अनुमति मिलते ही ये कानून बन जाएगा। हालांकि अब ये औपचारिकता मात्र ही है, क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद राष्ट्रपति भला इस बिल को क्यों रोकेंगे ? तो अब आप ये समझिए कि तीन तलाक का बिल कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में क्या क्या बदलाव फौरन आने वाले हैं।

तीन तलाक का अंत हो चुका है। अब अगर कोई मुस्लिम मर्द अपनी बीवी को तीन बार तलाक कहता है तो ये अपराध के दायरे में आएगा और इसके लिए उसे 3 साल तक की सज़ा भी हो सकती है। और क्या क्या होगा नीचे देखिए –

  • कानून बनने के बाद 3 तलाक को संज्ञेय अपराध मानने का प्रावधान, यानी पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है।
  • तीन साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन मजिस्ट्रेट आरोपी को जमानत दे सकता है।
  • हालांकि जमानत तभी दी जाएगी, जब पीड़ित महिला का पक्ष सुना जाएगा।
  • पीड़ित महिला के अनुरोध पर मजिस्ट्रेट समझौते की अनुमति दे सकता है।
  • पीड़ित महिला पति से गुज़ारा भत्ते का दावा कर सकती है।

अब ये साफ है कि तीन तलाक की बात आज के बाद हिन्दुस्तान में इतिहास होगी। तीन तलाक बिल के राज्यसभा से पास होने के बाद कई जगहों से मुस्लिम महिलाओं के जश्न मनाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। लेकिन इस पर आज रात से जो बहस चलनी शुरू होगी वो अगले कुछ दिनों तक थमने का नाम नहीं लेगी।

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